आपका आज का वेद मंत्र
अंतर विराजमान संत प्रभु धार बहा साधक को अंतर ला भवसागर पार कराता है| संत प्रभु धारा दे साधक को अंतर ठहरा पवित्र करता है|
अंतर विराजमान संत प्रभु धार बहा साधक को अंतर ला भवसागर पार कराता है| संत प्रभु धारा दे साधक को अंतर ठहरा पवित्र करता है|